मुफ्त टूल जो शॉर्टकट, नोटिफिकेशन या लॉन्ग-प्रेस से स्प्लिट-स्क्रीन जल्दी चालू करे
मुफ्त टूल जो शॉर्टकट, नोटिफिकेशन या लॉन्ग-प्रेस से स्प्लिट-स्क्रीन जल्दी चालू करे
वोट (7 वोट)
प्रोग्राम लाइसेंस Free
डेवलपर etsang
संस्करण 2.14.0
के तहत काम करता है Android
वोट
(7 वोट)
डेवलपर
etsang
के तहत काम करता है
Android
प्रोग्राम लाइसेंस
Free
संस्करण
2.14.0
Split Screen Shortcut एक Android प्रोडक्टिविटी टूल है, जिसका लक्ष्य स्प्लिट-स्क्रीन मोड को जल्दी चालू करने के लिए आसान शॉर्टकट देना है। यह खासकर उन डिवाइसों पर उपयोगी लगता है जहां (जैसे Android Pie पर) स्प्लिट-स्क्रीन शुरू करने का सीधा शॉर्टकट सहज रूप से उपलब्ध नहीं होता।
यह ऐप उन लोगों के लिए है जो मल्टीटास्किंग करते हैं और एक ही समय पर स्प्लिट-स्क्रीन में दो ऐप्स के साथ काम करना चाहते हैं।
स्प्लिट-स्क्रीन शुरू करने के कई तरीके
Split Screen Shortcut की बड़ी खूबी इसका मल्टीपल एक्टिवेशन विकल्प हैं। आप होम स्क्रीन पर शॉर्टकट आइकन रखकर तुरंत स्प्लिट-स्क्रीन ट्रिगर कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ खास बटनों को लंबे समय तक दबाने या ऊपर नोटिफिकेशन पैनल से टैप करके भी मोड शुरू करने के विकल्प मिलते हैं। जरूरत के हिसाब से तरीका चुनने की आज़ादी इसे रोज़मर्रा के इस्तेमाल में व्यावहारिक बनाती है।
सेटिंग्स में काम की कस्टमाइज़ेशन
ऐप में कॉन्फ़िगरेशन के लिए स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं, ताकि आप अपनी आदत के अनुसार सेटअप बदल सकें। एक अतिरिक्त सुविधा के तौर पर, स्प्लिट-स्क्रीन करते समय होम बटन दबाने जैसी क्रिया को एमुलेट करने का विकल्प भी मिलता है, जिससे व्यवहार को थोड़ा और अपने तरीके से ढाला जा सकता है। इंटरफ़ेस और विकल्पों की भाषा अपेक्षाकृत सीधी है, इसलिए नए उपयोगकर्ता भी सेटिंग्स समझकर बदलाव कर सकते हैं।
कंपैटिबिलिटी और भरोसेमंदी की सीमाएं
यह ध्यान रखना पड़ता है कि हर ऐप स्प्लिट-स्क्रीन को सपोर्ट नहीं करता, इसलिए जिन दो ऐप्स को साथ चलाना है उनकी स्प्लिट-स्क्रीन संगतता पहले से निर्भरता बन जाती है। साथ ही, उपयोग के दौरान ऐप के अचानक रुक जाने या क्रैश होने की शिकायतें भी सामने आती हैं, जिससे लगातार भरोसेमंद अनुभव हर बार नहीं मिलता।
फायदे
- स्प्लिट-स्क्रीन चालू करने के लिए होम स्क्रीन शॉर्टकट और अन्य त्वरित तरीकों का सपोर्ट
- नोटिफिकेशन टैप या कुछ बटनों के लॉन्ग-प्रेस जैसे अलग-अलग एक्टिवेशन विकल्प
- सेटिंग्स में कस्टमाइज़ेशन, जिसमें होम बटन एमुलेशन जैसी सुविधा शामिल
- इंटरफ़ेस और कॉन्फ़िगरेशन विकल्प समझने में आसान
कमियां
- कुछ ऐप्स स्प्लिट-स्क्रीन को सपोर्ट नहीं करते, इसलिए उपयोग सीमित हो सकता है
- चलते समय ऐप का रुक जाना या क्रैश होना अनुभव को प्रभावित कर सकता है